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Health Tips In Hindi: छोटी मगर बहुत ध्यान देने योग्य बातें जो आपकी जिंदगी बदल सकती हैं

Health Tips In Hindi — दोस्तों, जिंदगी में कुछ छोटी-छोटी बातें होती हैं जिन पर हम ध्यान नहीं देते लेकिन ये बातें हमारी सेहत और जिंदगी पर बहुत गहरा असर करती हैं। आज हम आपको कुछ ऐसी ही जरूरी बातें बताने जा रहे हैं जो छोटी जरूर हैं लेकिन बहुत काम की हैं। इन्हें ध्यान से पढ़ें और अपने परिवार को भी बताएं।

मेहंदी जितनी देर बालों पर लगेगी उतनी ज्यादा रंग आएगा

दोस्तों, मेहंदी एक पूरी तरह प्राकृतिक चीज है। जब बालों में मेहंदी लगाते हैं तो जितनी देर तक लगाए रखेंगे उतना ही गहरा रंग आएगा और बालों को उतना ज्यादा पोषण भी मिलेगा। मेहंदी बालों को ठंडक देती है, जड़ों को मजबूत बनाती है और बालों का झड़ना कम करती है। मेहंदी में नींबू का रस और चाय का पानी मिलाकर लगाएं तो रंग और भी अच्छा आएगा। रात को लगाकर सुबह धोना सबसे बढ़िया होता है। केमिकल वाले रंगों से बचें और मेहंदी को अपनाएं क्योंकि यह बालों को नुकसान नहीं पहुंचाती बल्कि फायदा करती है।

एड़ियों में बहुत दर्द होता है तो यह करें

अगर आपकी एड़ियों में बहुत दर्द रहता है तो यह कैल्शियम की कमी का संकेत हो सकता है। रोज रात को गर्म पानी में थोड़ा नमक डालकर एड़ियां डुबोएं। इससे दर्द में आराम मिलेगा। एड़ियों पर सरसों के तेल से मालिश करें। दूध, दही और हरी सब्जियां खाएं ताकि कैल्शियम की पूर्ति हो। ज्यादा देर तक खड़े रहने से बचें। आरामदायक जूते पहनें। अगर दर्द बहुत ज्यादा है तो डॉक्टर से जरूर मिलें क्योंकि यह हील स्पर की समस्या भी हो सकती है।

मूंछ के बालों का सफेद होने का मतलब

अगर किसी पुरुष की मूंछ के बाल जल्दी सफेद हो रहे हैं तो यह शरीर में कुछ कमियों का संकेत है। मूंछ के बाल पहले सफेद होना मतलब शरीर में विटामिन बी12 की कमी हो सकती है। इसके अलावा तनाव, गलत खानपान और नींद की कमी भी बालों को जल्दी सफेद कर देती है। खाने में आंवला, काले तिल, अखरोट और हरी सब्जियां शामिल करें। अच्छी नींद लें और तनाव से दूर रहें। रोज नारियल तेल से बालों की मालिश करें। इससे बाल काले रहेंगे और झड़ेंगे भी कम।

प्लास्टिक के बर्तन में खाना खाने से पीरियड्स पर असर

यह बात बहुत जरूरी है और हर महिला को जाननी चाहिए। प्लास्टिक के बर्तनों में BPA नाम का केमिकल होता है। जब गर्म खाना प्लास्टिक के बर्तन में रखा जाता है तो यह केमिकल खाने में मिल जाता है। यह केमिकल शरीर के हार्मोन को बिगाड़ता है जिससे पीरियड्स अनियमित हो सकते हैं, दर्द बढ़ सकता है और थायराइड जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं। इसलिए प्लास्टिक के बर्तनों की जगह मिट्टी, स्टील, तांबे या कांच के बर्तन इस्तेमाल करें। खासकर गर्म खाना या पानी कभी भी प्लास्टिक में न रखें।

बच्चों को अक्सर दस्त, उल्टी, गैस और पेट दर्द

अगर आपके बच्चे को बार-बार दस्त, उल्टी, गैस और पेट दर्द की शिकायत रहती है तो इसका मुख्य कारण बाहर का खाना, जंक फूड और पैकेट बंद चीजें हो सकती हैं। बच्चों को घर का ताजा खाना खिलाएं। बाहर के चिप्स, बिस्किट, कोल्ड ड्रिंक से बचाएं। बच्चों को खाने से पहले हाथ धोने की आदत डालें। उन्हें उबला हुआ या फिल्टर किया हुआ पानी ही पिलाएं। गंदे हाथों से खाना बहुत बड़ी समस्या है। अगर समस्या बार-बार हो रही है तो बच्चे को पेट के डॉक्टर को दिखाएं।

जिन बच्चों को कम उम्र में ही चश्मा लग गया है

आजकल बहुत छोटे बच्चों को भी चश्मा लग रहा है। इसका सबसे बड़ा कारण है मोबाइल और टीवी का ज्यादा इस्तेमाल। बच्चों को मोबाइल से दूर रखें। टीवी देखने का समय सीमित करें। बच्चों को रोज हरी सब्जियां और गाजर खिलाएं जिसमें विटामिन ए होता है। बच्चों को धूप में खेलने दें क्योंकि धूप आंखों के लिए जरूरी है। अंधेरे में पढ़ाई न करने दें। अगर चश्मा लग भी गया है तो घबराएं नहीं, सही खानपान और आदतों से नजर और खराब होने से रोकी जा सकती है।

Disclaimer: यह आर्टिकल सामान्य स्वास्थ्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। इसमें दी गई जानकारी विभिन्न स्वास्थ्य स्रोतों और आयुर्वेदिक सिद्धांतों पर आधारित है। यह किसी चिकित्सीय सलाह का विकल्प नहीं है। किसी भी गंभीर स्वास्थ्य समस्या के लिए कृपया योग्य डॉक्टर से सलाह जरूर लें। हर व्यक्ति का शरीर अलग होता है इसलिए परिणाम भी अलग हो सकते हैं।

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