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Dharmik Katha In Hindi: तुलसी के पास दीया जलाने से क्या फल मिलता है?

Dharmik Katha In Hindi: दोस्तों, हिंदू धर्म में तुलसी का पौधा बहुत पवित्र माना जाता है। तुलसी को माता का रूप माना जाता है और इसकी पूजा करने से घर में सुख-समृद्धि आती है। आज हम आपको एक बहुत ही रोचक धार्मिक कथा सुनाने जा रहे हैं। एक बार माता लक्ष्मी ने भगवान विष्णु से पूछा कि हे स्वामी, तुलसी के पास दीपक जलाने का क्या महत्व है और रोज शाम को तुलसी के पास दीपक क्यों जलाया जाता है। इससे मनुष्य को क्या फल मिलता है? आइए जानते हैं भगवान विष्णु ने क्या जवाब दिया।

माता लक्ष्मी का प्रश्न

बहुत समय पहले की बात है, क्षीर सागर में भगवान विष्णु शेषनाग की शैय्या पर विश्राम कर रहे थे। माता लक्ष्मी उनके पैर दबा रही थीं। तभी माता लक्ष्मी के मन में एक सवाल आया। उन्होंने भगवान विष्णु से कहा — हे प्रभु, मैं देखती हूं कि धरती पर लोग हर शाम तुलसी के पौधे के पास दीपक जलाते हैं। कुछ लोग सुबह भी दीपक जलाते हैं। तुलसी की पूजा करते हैं, उसे जल चढ़ाते हैं। मुझे यह बताइए कि तुलसी के पास दीपक जलाने का क्या महत्व है? इससे इंसान को क्या फल मिलता है? और रोज शाम को ही तुलसी के पास दीपक क्यों जलाया जाता है, सुबह क्यों नहीं? भगवान विष्णु मुस्कुराए और बोले — देवी, यह बहुत अच्छा प्रश्न है। तुलसी के पास दीपक जलाने के बहुत गहरे रहस्य हैं। मैं आपको विस्तार से बताता हूं।

तुलसी का महत्व

भगवान विष्णु ने कहा — सबसे पहले यह समझिए कि तुलसी सिर्फ एक पौधा नहीं है। तुलसी माता का ही रूप है। तुलसी मुझे बहुत प्रिय है। मेरी पूजा बिना तुलसी के अधूरी मानी जाती है। तुलसी में देवी-देवताओं का वास होता है। तुलसी के जड़ में भगवान ब्रह्मा, तने में भगवान विष्णु, शाखाओं में भगवान शिव और पत्तों में सभी देवी-देवता निवास करते हैं। इसलिए तुलसी की पूजा करना सभी देवताओं की पूजा करने के बराबर है। जिस घर में तुलसी का पौधा होता है उस घर में यमराज के दूत नहीं आते। उस घर में नकारात्मक शक्तियां नहीं टिक सकतीं। तुलसी की सुगंध और पवित्रता वातावरण को शुद्ध बनाती है। इसलिए तुलसी को हर घर में लगाना चाहिए और उसकी रोज पूजा करनी चाहिए।

तुलसी के पास दीपक जलाने का महत्व

भगवान विष्णु ने आगे कहा — अब सुनिए तुलसी के पास दीपक जलाने का महत्व। जब कोई व्यक्ति शाम को तुलसी के पास घी या तेल का दीपक जलाता है तो उसके सभी पाप नष्ट हो जाते हैं। तुलसी के पास दीपक जलाने से घर में सुख-समृद्धि आती है। माता लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है। घर में अन्न-धन की कभी कमी नहीं होती। जो व्यक्ति रोज शाम को तुलसी के पास दीपक जलाता है उसके घर में कभी अंधेरा नहीं आता। यानी हमेशा खुशियां बनी रहती हैं। तुलसी के पास दीपक जलाने से घर के सभी सदस्यों को अच्छा स्वास्थ्य मिलता है। बीमारियां दूर रहती हैं। तुलसी का दीपक बुरी नजर से भी बचाता है। इसलिए हर घर में रोज शाम को तुलसी के पास दीपक जरूर जलाना चाहिए।

शाम को ही दीपक क्यों जलाया जाता है

माता लक्ष्मी ने फिर पूछा — लेकिन प्रभु, शाम को ही दीपक क्यों जलाया जाता है? सुबह क्यों नहीं? भगवान विष्णु ने समझाया — देवी, शाम का समय बहुत खास होता है। सूरज डूबने के बाद और अंधेरा होने से पहले का समय संध्या काल कहलाता है। यह समय दिन और रात के बीच का संक्रमण काल होता है। इस समय वातावरण में विशेष ऊर्जा होती है। इस समय नकारात्मक शक्तियां भी सक्रिय होने लगती हैं। इसलिए शाम को दीपक जलाना बहुत जरूरी है। तुलसी के पास दीपक जलाने से घर में रोशनी आती है और अंधकार दूर होता है। अंधकार सिर्फ बाहरी नहीं बल्कि मन का अंधकार भी दूर होता है। शाम को तुलसी के पास दीपक जलाने से रात भर घर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है। बुरी आत्माएं और नकारात्मक शक्तियां घर में नहीं आ सकतीं। इसलिए शाम को तुलसी के पास दीपक जलाना बहुत महत्वपूर्ण है।

तुलसी के पास दीपक जलाने की विधि

भगवान विष्णु ने बताया — अब मैं आपको बताता हूं कि तुलसी के पास दीपक कैसे जलाना चाहिए। सबसे पहले शाम के समय तुलसी के पौधे को साफ पानी से सींचें। फिर तुलसी के चारों तरफ की जगह साफ करें। एक मिट्टी या पीतल का दीपक लें। उसमें घी या सरसों का तेल डालें। रुई की बत्ती बनाएं और दीपक में रखें। फिर दीपक को तुलसी के पास रखें और जलाएं। दीपक जलाते समय इस मंत्र का उच्चारण करें — “तुलस्यै नमः। विष्णवे नमः।” या फिर आप सिर्फ “ॐ तुलस्यै नमः” भी बोल सकते हैं। दीपक जलाने के बाद तुलसी की परिक्रमा करें और उन्हें प्रणाम करें। प्रार्थना करें कि हे तुलसी माता, आप हमारे घर में हमेशा सुख-समृद्धि बनाए रखें। दीपक कम से कम एक घंटे तक जलता रहना चाहिए। अगर संभव हो तो पूरी रात दीपक जलता रहे तो और भी अच्छा है।

तुलसी के पास दीपक जलाने से मिलने वाले फल

भगवान विष्णु ने आगे कहा — अब सुनिए कि तुलसी के पास दीपक जलाने से क्या-क्या फल मिलते हैं। पहला — जो व्यक्ति रोज तुलसी के पास दीपक जलाता है उसके सभी पाप नष्ट हो जाते हैं। दूसरा — घर में धन-धान्य की वृद्धि होती है। तीसरा — परिवार के सभी सदस्य स्वस्थ रहते हैं। चौथा — घर में शांति और सुख बना रहता है। पांचवां — बुरी नजर और नकारात्मक ऊर्जा से रक्षा होती है। छठा — मृत्यु के बाद स्वर्ग की प्राप्ति होती है। सातवां — संतान सुख मिलता है। आठवां — नौकरी और व्यापार में उन्नति होती है। नौवां — मन को शांति मिलती है और तनाव दूर होता है। दसवां — घर में माता लक्ष्मी का वास होता है। ग्यारहवां — भगवान विष्णु की विशेष कृपा प्राप्त होती है। इसलिए हर व्यक्ति को रोज शाम तुलसी के पास दीपक जरूर जलाना चाहिए।

तुलसी की पूजा करते समय क्या सावधानियां रखें

भगवान विष्णु ने समझाया — तुलसी की पूजा करते समय कुछ सावधानियां भी रखनी चाहिए। पहली — तुलसी को कभी भी रविवार को नहीं तोड़ना चाहिए। दूसरी — एकादशी के दिन भी तुलसी नहीं तोड़नी चाहिए। तीसरी — रात को तुलसी नहीं तोड़नी चाहिए। चौथी — तुलसी को हमेशा स्वच्छ पानी से सींचें। पांचवीं — तुलसी के पौधे के पास गंदगी न होने दें। छठी — तुलसी के पौधे को घर के उत्तर या पूर्व दिशा में लगाएं। सातवीं — तुलसी के पौधे को कभी भी पैर से न छुएं। आठवीं — जब तुलसी तोड़ें तो पहले उनसे क्षमा मांगें। नौवीं — तुलसी को तोड़ने के बाद उसे जमीन पर न रखें। दसवीं — तुलसी के पौधे की रोज देखभाल करें और उसे प्यार दें। तुलसी को जीवित समझें और उसका सम्मान करें।

माता लक्ष्मी संतुष्ट हुईं

भगवान विष्णु की बातें सुनकर माता लक्ष्मी बहुत प्रसन्न हुईं। उन्होंने कहा — हे प्रभु, आपने बहुत अच्छे से समझाया। अब मैं समझ गई कि तुलसी के पास दीपक जलाना क्यों इतना महत्वपूर्ण है। मैं चाहती हूं कि धरती पर हर घर में तुलसी का पौधा हो और लोग रोज शाम तुलसी के पास दीपक जलाएं। जो लोग ऐसा करेंगे मैं उनके घर में हमेशा रहूंगी और उन्हें कभी धन की कमी नहीं होने दूंगी। भगवान विष्णु ने कहा — हां देवी, यही सत्य है। जो मनुष्य तुलसी की पूजा करता है और रोज दीपक जलाता है उस पर हम दोनों की कृपा हमेशा बनी रहती है। इसलिए सभी को तुलसी के महत्व को समझना चाहिए और उसकी रोज पूजा करनी चाहिए।

Disclaimer: यह कथा पौराणिक और धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है। इसमें दी गई जानकारी धार्मिक ग्रंथों और लोक परंपराओं से ली गई है। यह किसी वैज्ञानिक प्रमाण पर आधारित नहीं है। इसे सिर्फ आस्था और विश्वास के उद्देश्य से पढ़ें। तुलसी एक पवित्र पौधा है और इसकी पूजा करना शुभ माना जाता है। लेकिन इसे किसी चमत्कार की तरह न समझें। तुलसी की पूजा के साथ-साथ अच्छे कर्म करना भी जरूरी है। यह कथा नैतिक शिक्षा देने के उद्देश्य से साझा की गई है।

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