Personality Development Tips In Hindi — दोस्तों, आज की दुनिया में सिर्फ पढ़ाई या नौकरी ही काफी नहीं है। असली बात यह है कि लोगों की नजर में आपकी वैल्यू क्या है। जिस इंसान की वैल्यू ज्यादा होती है उसकी हर जगह इज्जत होती है, लोग उसकी बात सुनते हैं और उसे अहमियत देते हैं। लेकिन सवाल यह है कि अपनी वैल्यू कैसे बढ़ाई जाए? आज हम आपके लिए 12 ऐसे खास तरीके लेकर आए हैं जिन्हें अपनाकर आप अपनी वैल्यू कई गुना बढ़ा सकते हैं। ये तरीके बिल्कुल आसान हैं और रोजमर्रा की जिंदगी में अपनाए जा सकते हैं। तो चलिए शुरू करते हैं।
हर किसी के साथ जरूरत से ज्यादा क्लोज न हों
दोस्तों, पहली और सबसे जरूरी बात यह है कि हर किसी के साथ जरूरत से ज्यादा क्लोज मत बनो। जब आप किसी के बहुत करीब चले जाते हैं तो वो इंसान आपको हल्के में लेने लगता है। आपकी बातों की कद्र कम हो जाती है और आपकी वैल्यू गिर जाती है। एक सही दूरी बनाए रखना बहुत जरूरी है। इसका मतलब यह नहीं कि आप किसी से प्यार न करें या दोस्ती न रखें। लेकिन हर किसी को अपनी पूरी जिंदगी मत दिखाओ। कुछ बातें अपने तक रखो। जितना जरूरी है उतना ही शेयर करो। जो लोग थोड़ा दूर रहते हैं उनकी वैल्यू ज्यादा होती है क्योंकि लोग उन्हें समझने की कोशिश करते हैं।
किसी को दो बार से अधिक मौका मत दो
दूसरी बात यह है कि अगर किसी ने आपको एक बार धोखा दिया या आपकी मदद नहीं की तो उसे फिर से मौका दे सकते हैं। लेकिन अगर उसी इंसान ने दोबारा भी वही किया तो अब उसे तीसरा मौका देना मूर्खता है। जो लोग बार-बार मौके देते रहते हैं उनकी वैल्यू खत्म हो जाती है। लोग समझ जाते हैं कि यह इंसान कुछ भी सहन कर लेगा। इसलिए अपनी इज्जत बचाओ और दो बार के बाद उस इंसान से दूरी बना लो। यह कोई क्रूरता नहीं है बल्कि अपनी सेल्फ रिस्पेक्ट बचाना है। जो खुद की इज्जत नहीं करता उसकी दूसरे भी इज्जत नहीं करते।
अपनी उपलब्धियों का ढिंढोरा मत पीटो
तीसरी बात यह है कि जो भी आपने हासिल किया है उसका ढिंढोरा मत पीटते फिरो। जिन लोगों को बात-बात में अपनी तारीफ करने की आदत होती है उनकी वैल्यू कम हो जाती है। लोग उन्हें घमंडी समझते हैं। असली ताकत यह है कि आपका काम आपकी तारीफ करे, आपका मुंह नहीं। चुपचाप अपना काम करो और लोगों को खुद देखने दो कि आप क्या हैं। जो इंसान कम बोलता है और ज्यादा करके दिखाता है उसकी वैल्यू सबसे ज्यादा होती है। इसलिए अपने मुंह मियां मिट्ठू मत बनो बल्कि अपने काम से लोगों को चौंकाओ।
हर बात में हां मत कहो
चौथी जरूरी बात यह है कि हर किसी की हर बात पर हां मत कहते रहो। जो लोग हमेशा हां कहते रहते हैं उनकी कोई वैल्यू नहीं रह जाती। लोग उन्हें अपनी जेब का गुलाम समझने लगते हैं। अगर किसी बात से आप सहमत नहीं हैं तो साफ-साफ ना कहना सीखो। ना कहने में कोई बुराई नहीं है। जो इंसान अपनी राय रखता है और गलत बात पर ना कहने की हिम्मत रखता है, लोग उसकी इज्जत करते हैं। इसलिए चापलूसी छोड़ो और अपनी बात रखना सीखो। हां और ना दोनों का सही समय पर सही इस्तेमाल करो।
अपनी समस्याएं हर किसी को मत बताओ
पांचवीं बात यह है कि अपनी समस्याएं और परेशानियां हर किसी को मत बताओ। जो लोग अपनी हर छोटी-बड़ी परेशानी सबको बताते रहते हैं उनकी वैल्यू कम हो जाती है। लोग उन्हें कमजोर समझने लगते हैं। अपनी मुश्किलों को अपने तक रखो या सिर्फ एक-दो करीबी लोगों से शेयर करो। बाकी दुनिया के सामने हमेशा मजबूत दिखो। यह दिखावा नहीं है बल्कि अपनी इज्जत बचाना है। जब लोगों को पता चलता है कि आप मुश्किलों में हो तो कुछ लोग आपका फायदा उठाते हैं। इसलिए अपनी कमजोरी छुपाकर रखना सीखो।
समय की कद्र करो और दूसरों का समय भी बर्बाद मत करो
छठी बात यह है कि समय की कद्र करना सीखो। जो लोग हमेशा लेट आते हैं, वक्त पर काम नहीं करते और दूसरों का समय बर्बाद करते हैं उनकी वैल्यू बहुत कम हो जाती है। अगर आपने किसी से मिलने का समय तय किया है तो वक्त पर पहुंचो। अगर कोई काम करने का वादा किया है तो समय पर करो। जो इंसान पंक्चुअल होता है यानी समय का पक्का होता है लोग उसे बहुत इज्जत देते हैं। समय सबसे कीमती चीज है और जो इसकी कद्र करता है उसकी खुद की भी कद्र होती है।
अपनी बॉडी लैंग्वेज पर ध्यान दो
सातवीं बात यह है कि अपनी बॉडी लैंग्वेज पर ध्यान दो। जिस तरह से आप बैठते हैं, खड़े होते हैं, चलते हैं और बात करते हैं वो सब आपकी वैल्यू तय करता है। अगर आप झुककर चलते हैं, आंखें नीची करके बात करते हैं तो लोग आपको कमजोर समझेंगे। सीधे खड़े हो, सीना तानकर चलो, आंख मिलाकर बात करो। आपकी बॉडी लैंग्वेज से ही पता चलता है कि आप कितने कॉन्फिडेंट हो। और कॉन्फिडेंट लोगों की हमेशा वैल्यू ज्यादा होती है।
पैसों की बात खुलकर मत करो
आठवीं जरूरी बात यह है कि अपनी कमाई और पैसों के बारे में खुलकर बात मत करो। न तो यह बताओ कि आप कितना कमाते हो और न यह बताओ कि आपके पास कितना पैसा है। पैसों की बात करने से लोग या तो जलने लगते हैं या फिर आपको पैसे का गुलाम समझने लगते हैं। अपनी माली हालत को प्राइवेट रखो। जो लोग अपनी दौलत का दिखावा करते हैं उनकी असली वैल्यू नहीं होती। लोग सिर्फ उनके पैसों की इज्जत करते हैं, उनकी नहीं।
गुस्से पर काबू रखो
नौवीं बात यह है कि गुस्से पर काबू रखना सीखो। जो लोग छोटी-छोटी बातों पर गुस्सा हो जाते हैं, चिल्लाते हैं और अपना आपा खो देते हैं उनकी वैल्यू बहुत कम हो जाती है। लोग उन्हें बच्चे की तरह समझते हैं। जो इंसान मुश्किल हालात में भी शांत रहता है और सोच-समझकर फैसला लेता है लोग उसे सम्मान देते हैं। गुस्सा आना इंसानी फितरत है लेकिन उसे कंट्रोल करना सीखना बहुत जरूरी है। गुस्सा सिर्फ आपकी वैल्यू ही नहीं बल्कि आपकी सेहत भी खराब करता है।
अपने वादों को पूरा करो
दसवीं बात यह है कि जो वादा करो उसे पूरा करो। जो लोग बड़ी-बड़ी बातें तो करते हैं लेकिन अपने वादों को पूरा नहीं करते उनकी किसी की नजर में कोई इज्जत नहीं रहती। अगर किसी से कुछ कहा है तो उसे जरूर करो। अगर नहीं कर सकते तो पहले से ही साफ-साफ मना कर दो। झूठे वादे करने से बेहतर है कि पहले ही ना कह दो। जो इंसान अपने वादे पर खरा उतरता है लोग उसे बहुत मानते हैं और उसकी वैल्यू बहुत ज्यादा होती है।
अपनी ड्रेसिंग सेंस पर ध्यान दो
ग्यारहवीं बात यह है कि अपनी ड्रेसिंग सेंस पर ध्यान दो। हमेशा साफ-सुथरे और अच्छे कपड़े पहनो। इसका मतलब यह नहीं कि महंगे ब्रांडेड कपड़े ही पहनो। लेकिन जो भी पहनो वो साफ हो, इस्त्री किया हुआ हो और आप पर अच्छा लगे। लोग सबसे पहले आपको देखते हैं फिर आपकी बात सुनते हैं। अगर आप गंदे और बेतरतीब कपड़ों में हैं तो लोग आपकी बात को भी गंभीरता से नहीं लेंगे। अच्छा दिखना अपनी इज्जत करना है।
लगातार सीखते रहो और खुद को अपडेट रखो
बारहवीं और आखिरी बात यह है कि लगातार सीखते रहो। जो लोग सोचते हैं कि उन्हें सब कुछ आता है और उन्हें सीखने की जरूरत नहीं है वो पीछे रह जाते हैं। दुनिया रोज बदल रही है, नई-नई चीजें आ रही हैं। अगर आप खुद को अपडेट नहीं रखोगे तो आपकी वैल्यू कम हो जाएगी। किताबें पढ़ो, नई स्किल्स सीखो, अच्छे लोगों से मिलो और अपने आप को हर रोज बेहतर बनाओ। जो इंसान हमेशा सीख रहा होता है लोग उसे बहुत सम्मान देते हैं।
Disclaimer: यह आर्टिकल सामान्य जीवन अनुभव और व्यक्तित्व विकास की सामान्य बातों पर आधारित है। इसमें दी गई सलाह को अपनी समझ और परिस्थिति के अनुसार अपनाएं। हर इंसान की जिंदगी अलग होती है और हर किसी पर ये बातें एक जैसे काम नहीं करतीं। यह किसी पेशेवर परामर्श का विकल्प नहीं है।